Posts

Showing posts from August, 2018

प्रियतम

सपनों को साकार कर लिया मन को एकाकार कर लिया बन्द नेत्रों से जिस दिन से प्रियतम का दीदार कर लिया। गीत राग की डोर बन गयी तिमिर हृदय की भोर बन गयी मधु-स्मृति आकर प्रिय तेरी जाने ...

रक्षाबन्धन

आ गया राखी का त्योहार! सँजोये रेशम सा कोमल अमिट भाई-बहनों का प्यार । आ गया राखी का त्योहार! बहन  की रक्षा का ये पर्व भाइयों के जीवन का गर्व हृदय  की  गहराई से नेह समेटे    नैसर...

मैं खोजता जीवन !

मैं खोजता जीवन ! पल छटकते जा रहे हैं हाथ से दल बिलगते जा रहे हैं साथ से अब भला किस पर अमिट विश्वास कर मैं बताऊँ हृदय की पीड़ा सघन ? मैं खोजता जीवन ! बादलों के तिमिर का है ये पहर जुगन...

मधु-स्मृति के मधुर-विषाद

जब जब परछाई देखोगे नाम मेरा होठों पर होगा । जब भी तुम तन्हा बैठोगे नाम मेरा होठों पर होगा । जब बचपन को याद करोगे अपनेपन को याद करोगे तुलसी का वो पेड़ पुराना बागीचे का सैर सुहा...