तिरंगा
तिरंगा तन तिरंगा मन तिरंगा और ये जीवन तिरंगा, आज है घर घर तिरंगा । आज है हर घर तिरंगा । ये तिरंगा देश के इतिहास का परिधान है ये तिरंगा विश्व भर मे शान्ति का संधान है ये तिरंगा हर एक भारतवासियों की शान है इस तिरंगे में बसी हम सब की आनोबान है ये तिरंगा देश की हर सुबह है हर शाम है इसके कण कण में बसा बलदानियों का नाम है । आओ हम सब इस तिरंगे को नमन कर लें अपनी सांसों मे हम उनका आचमन कर लें जिन्होंने बलिदान करके सांस अपनी देश को स्वातन्त्र्य की सांसें दिलाया जो चढ़े फाँसी, किया जीवन समर्पण राष्ट्र में स्वराज्य की वीणा बजाया । जिनके स्वर्णिम स्वप्न की रक्षा में अब भी देश के प्रहरी सदा क्षण - क्षण सजग हैं चहुँ दिशा सीमाओं पर पावन धरा के प्राण को हाथों में लेकर के अडिग हैं उनके पावन भूमि की दुनिया मे दस्तक है नमन करता उन्हें हर एक मस्तक । उनके पावन लक्ष्य का सत्कार करने और उनके स्वप्न को साकार करने इस तिरंगे को लिये हम हाथ मे बढ़ते रहेंगे तिरंगे के शाख में ऊँचाईयाँ चढ़ते रहेंगे ये तिरंगा विश्व का श्रेष्ठतम जनतंत्र है ये तिरंगा अनेकता में एकता ...