मन उदास है
क्या बोलूँ अब मन उदास है? खारा जल है, अमिट प्यास है। क्या बोलूँ अब मन उदास है? ००० भटका राह, काँच सा चटका, जीवन राग-द्वेष में अटका, सम्बन्धों को देकर झटका, वाह-वाह में हुआ दास है। क...
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