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Showing posts from September, 2018

अतीत की स्मृति

एक कहानी बीत गयी और एक कहानी बाकी है यादों के गुलदस्ते की एक् याद सुहानी बाकी है आज मुझे मत झकझोरो, सपनो में डूबा रहने दो अभी अतीत के भवसागर में नाव चलानी बाकी है बेला की कोमल ...

द्वंद

हंसी आती भी नहीं और रो रहा भी नहीं । नींद में दिखता भी हूँ और सो रहा भी नहीं । ये कैसे मोड़ पे लाकर है वक्त ने छोड़ा ? पीछे हटता भी नहीं आगे हो रहा भी नहीं । बदन के कपड़ों पे ये कैसी धू...